सिया राम के अतिशय प्यारे, अंजनिसूत मारुती दुलारे,
श्री हनुमान जी महाराज
के दासानुदास श्री राम परिवार द्वारा
पिछले अर्ध शतक से अनवरत प्रस्तुत यह

हनुमान चालीसा

बार बार सुनिए , साथ में गाइए ,
हनुमत कृपा पाइए .

[शब्द एवं धुन यहीं उपलब्ध हैं]

प्रार्थी - "भोला" [ श्री राम परिवार का एक नगण्य सदस्य ]




आज का आलेख

सोमवार, 2 मई 2011

हनुमान तेरा आसरा # 3 5 8

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श्री  राम  तेरा  आसरा 
भगवान तेरा  आसरा 

!! हनुमान तेरा  आसरा !!

बचपन से सुनते सुनते अब तो यह हमारी दृढ़ धारणा बन गयी है कि सर्वशक्तिमान सर्वग्य ,सर्वत्रव्याप्त "राम" ही हमारे  सर्वस्व है ! (सबके इष्ट  भिन्न  भिन्न हैं अतएव प्रार्थना है - कि आप सब अपने अपने इष्ट को  याद करते हुए निम्नांकित पद दुहरायें)


सियराम   स्वरूप   अगाध   अनूप   बिलोकनि   मीनन   को  जलु  है 
श्रुति  राम  कथा  , मुख  राम  को नाम , हिये पुनि  रामही  को थलु  है 

Stunning is the charm of the couple "Sree Sita Ram ji". 
Their appearance before us is , like WATER  for the FISH of our eyes . 
Oue Ears are for listening to HIS tales (katha), 
Mouth is for uttering his name and our 
Heart is the abode of SREE RAM . 

मति  राम  हि  सों  गति  राम  हि  सों  रति  राम  सों  रामही  को  बलु  है  
सबकी  न  कहें , तुलसी के मते,   इतनो   जग    जीवन   को    फलु   है 

All my strength , my wisdom , my  मति  गति  रति  are derived from HIM 
and are bestowed  by RAAM only. 
Can't say about others but according to TULSIDAS 
 This ONLY is the BOON of  human existence .

तुलसी , नानक, कबीर ,सूर , दादू ,मलूक, रैदास और मीरा , किन किन का नाम लूं, इन सभी भक्त साधकों ने एक ही स्वर में अपने अपने इष्ट का गुण गान किया है और उनको ही अपना "परम आश्रय " बताया है ! इन सब के इष्ट देवों के नाम में "श्री राम" का नाम ही समाहित है ! सबने एकमात्र "उनका" ही आसरा लिया है  ! इन महान विभूतियों को आसरा देने वाले "वह" राम क्या कभी हमारे आश्रय भी बनेंगे ? क्या हम साधारण नरनारी कभी "उन" तक पहुंच पाएंगे  ?  उत्तर में महापुरुषों ने कहा , कि बिना किसी की मदद के  "उन" तक पहुंच पाना असंभव नहीं ,तो कठिन अवश्य ही है !
भाग्यशाली हैं वे ,जिनके गुरुजनों ने उन्हें वहां तक पहुंचने का मार्ग बताया है ! सिद्ध गुरुजन ,जी पी एस की तरह शिष्यों को कोई मोड़ आने से पहले ही आगाह कर देते हैं की 
इतने मीटर गज फीट या मील के बाद उन्हें दाहिने घूमना है या बाएं !


आप सोच रहे होंगे कि "हनुमान तेरा आसरा" कहते कहते मैं क्यों राम जी के आसरे की  बात करने लगा ! वास्तव में बात यह है कि , सभी राम भक्तों का आसरा केवल मारुती नंदन श्री हनुमान जी ही  है ! कल बताउंगा कैसे !


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क्रमशः 
निवेदक: व्ही. एन. श्रीवास्तव "भोला"
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