सिया राम के अतिशय प्यारे, अंजनिसूत मारुती दुलारे,
श्री हनुमान जी महाराज
के दासानुदास श्री राम परिवार द्वारा
पिछले अर्ध शतक से अनवरत प्रस्तुत यह

हनुमान चालीसा

बार बार सुनिए , साथ में गाइए ,
हनुमत कृपा पाइए .

[शब्द एवं धुन यहीं उपलब्ध हैं]

प्रार्थी - "भोला" [ श्री राम परिवार का एक नगण्य सदस्य ]




आज का आलेख

सोमवार, 4 जुलाई 2011

भजन - मेरो मन राम ही राम रटे रे

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3 टिप्‍पणियां:

  1. ब्लॉग जगत में आपकी ये प्रस्तुति कृतार्थ करने वाली हैं.

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  2. स्नेह्मई शालिनी जी, प्रिय शिखा बेटी ,राम राम ,
    मैं गद गद हो रहा हूँ ! शब्द दगा दे रहे हैं मुझे ! किसके किसके प्रति आभार व्यक्त करूं ! किसको किसको धन्यवाद दूँ ! कौन कहाँ से छुप छुप कर मेरे ऊपर इतनी कृपा कर रहा है ? मैंने तो केवल इच्छा जतायी थी की कभी आपको यह भजन सुनाऊंगा ! शायद मेरे बच्चों ने मुझे बिना बताये मिलजुल कर यह भजन ब्लॉग में डाल कर मेरी इच्छा पूरी की है ! प्रशंशा की अधिकारिणी चेन्नई वाली मेरी बेटी श्री देवी और अमेरिका वाले बेटे राघव जी हैं ! और मैं तो गूंगा हो रहा हूँ क्या कहूँ आपसे इसके सिवाय की श्री राम कृपा सबको सदा उपलब्ध हो ! प्रसन रहें !

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महावीर बिनवउँ हनुमाना ब्लॉग खोजें

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