सिया राम के अतिशय प्यारे, अंजनिसूत मारुती दुलारे,
श्री हनुमान जी महाराज
के दासानुदास श्री राम परिवार द्वारा
पिछले अर्ध शतक से अनवरत प्रस्तुत यह

हनुमान चालीसा

बार बार सुनिए , साथ में गाइए ,
हनुमत कृपा पाइए .

[शब्द एवं धुन यहीं उपलब्ध हैं]

प्रार्थी - "भोला" [ श्री राम परिवार का एक नगण्य सदस्य ]




आज का आलेख

रविवार, 9 अगस्त 2015

श्रावण के सोमवार ..भगवान शिव शंकर को समर्पित

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ओम नमः शिवाय 
शिव शंकर   समर्थ,सर्वग्य,,सर्व कलाओं और सर्व गुणों के आगार हैं ,योग ,ज्ञान और ,वैराग्यकेभण्डार हैं !  वे कल्याणस्वरूप हैं,करुणानिधि हैं ,भक्तवत्सल हैं ,कल्पतरु की भांति  शरणागत को वरदान देने वाले   देव हैं !

हमारे  ऋषि मुनियों ने साक्षात्कार के अनुभूत तथ्यों के  आधार पर"ओंकार" के मूल विभु व्यापक तुरीय  शिव के  निराकार ब्रह्म स्वरूप को  साकार स्वरूप दे कर उसे अलौकिक वेशभूषा  से सुसज्जित किया है ! उनके  शरीर  को भस्म से विभूषित  किया है ,  गले में सर्प और  रुंड मुंड की माला डाली है ,  जटाजूट में पतित पावनी "गंगधारा" को विश्राम दिया है  ,  भाल  को दूज के चाँद से अलंकृत किया है ,  एक हाथ में  डम डम   डमरू  तो दूसरे हाथ  त्रिशूल दिया है 1

श्रावण के दूसरे सोमवार के शुभ प्रातः आप की सेवा में प्रस्तुत है 
 भक्तवत्सल महादेव "शिव शंकर" के विभिन्न विग्रहों के सुदर्शन !
पार्श्व में सुनें निवेदक "भोला" के वयोंवृद्ध कंठ से प्रस्फुटित   
 शंकर वंदना 
जय शिवशंकर त्रिपुरारी ,

जय शिवशंकर त्रिपुरारी !
जय जय   भोले   भंडारी   ! जय आशुतोश   कामारी !!
जय शिवशंकर त्रिपुरारी ! 

गौर वदन माथे पर चंदा , 
जटा संवारें सुरसरि गंगा !!
चिताभसम तन धारी !  जय शिवशंकर त्रिपुरारी !!

उमा सहित कैलाश बिराजे ,
गणपति कार्तिक नंदी साजे !
छवि सुंदर मन हारी ! जय शिवशंकर त्रिपुरारी !! 

भक्त जनन पर कृपा करत हो, 
दुख दारिद भव ताप हरत हो ,!
हमका काहे बिसारी ?  जय शिवशंकर त्रिपुरारी !!
जय जय   भोले   भंडारी   ! जय आशुतोश   कामारी !!
जय शिवशंकर त्रिपुरारी ! 
======================== 
 सर्व- कष्ट -निवारक - "महामृत्युंजय मंत्र" 
ओम त्रियम्बकम यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम 
उर्वारुकमिव  बंधनान  मृत्युर मुक्षीय माम्रतात !!
 =========================== 
( शब्द एवं स्वरकार-गायक "भोला")
++++++++++++++++++++++++++++ 
निवेदक ;  व्ही   एन श्रीवास्तव  "भोला"
सहयोग ;  श्रीमती डॉ. कृष्णा भोला श्रीवास्तव 
_ +++++++++++++++++++++
LINK 
+https://youtu.be/ZavOzVsM1XM

   


11 टिप्‍पणियां:

  1. जय शिवशक्ति जय जय श्री सीताराम

    चरण स्पर्श
    बहुत ही सुंदर भजन गाया आपने । आपका ये ब्लॉग मुझे बहुत अच्छा लगा। आपके कई पोस्ट्स पढ़े मैने ,सभी भक्ति भाव से ओत प्रोत।
    मन को थोड़ी राहत मिली। आप भक्त आदमी लगते हैं इसलिए मुझे आपसे थोड़े कुछ भगवान जी के बारे जानना था अगर आप इस
    पोस्ट का उत्तर देंगे तो मैं सवाल पुछुँगी । आपकी मेहरबानी होगी अगर आप प्रश्न का उत्तर देंगे।
    आपको और आपके समस्त परिवार को बहुत बहुत धन्यवाद ।
    जय राम जी की

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  2. -स्नेहमयी देवी अंकिताजी (आप को माँ कहू दीदी कहूँ बिटिया कहूँ नही जानता )
    प्यारे प्रभु की असीम कृपा हम सब को उपलब्ध है ! उसकी कृपा से ही आपका सन्देश मुझे प्राप्त हुआ !
    कैसे / लगभग दो तीन वर्ष से महावीर बिनवउँ हनुमाना को भूल हुआ हूँ ! पर "'कूंक , ""उन प्यारे प्रभ-भगवान जी "
    को नही भूला हूँ !"कोशिश करता हूँ की प्रति पल उनकी अनन्त कृपाओं के लिए उन्हें धन्यवाद देता रहूं !
    अस्वस्थ हूँ , यू एस ए में इलाज चल रहा है ! इस कारण आपजीके पिछले सन्देश न देख सका !
    आज मेरी ज्येष्ठ पुत्री श्री देवी ने चेन्नई से मुझे आपके सन्देशों के विषय में बताया और अनुरोध किया
    की मैं आपजी के सन्देशों का ऊत्तर दूँ !
    लगभग ९० का हो रहा हूँ ! शरीर से अति कमज़ोर हूँ लेकिन प्यारे भगवान जी की अति विशेष कृपा से भजन रचना
    एवम स्वरबद्ध कर गाङी की सेवा वो प्यारे भगवान जी हमसे करवाते जा रहे हैं !उजो लिखवाते हैं लिखता हूँ जो
    सुनना चाहते हैं सुनाता रहता हूँ !
    कुछ नही जानता ,परम् अज्ञानी हूँ , केवल उन सर्वशक्तिमान प्यारे भगवानजी को पर करता हूँ !
    सब कुछ उपलब्ध हो जाता है जो उपयोगी है , हाँ बिना मांगे ही !
    सबसे प्यार करो , क्योंकि सबमे वह प्यारा विद्यमान है। ... यही कहता हूँ अपने प्यारे प्यारे बच्चों से। .आंक सकतीं
    हैं आपजी की कितने सारे बच्चे हैं मेरे !
    लिख रहा हूँ वह जो वो प्यारे प्रभू लिखवा रहे हैं !
    जय जय राम ! हम सब पर उनकी कृपामृत की वर्षा हो रही है !

    उत्तर देंहटाएं
  3. जय शिवशक्ति जय जय श्री सीताराम

    सादर चरण स्पर्श
    सर्वप्रथम आपकी सेहत के लिए भगवानजी से शुभकामना करती हूं, प्रभु आपको जल्दी से जल्दी स्वस्थ कर दें। वैसे आपको भी क्या चिंता होती होगी ?भक्त के लिए क्या सुख क्या दुःख ? सब बराबर ही लगता है , वो तो हर घड़ी सुख ही अनुभव करता है।
    आप मुझे बिटियां कहिये मैं 28 साल की हु। शादी करने की जरा सी भी इच्छा नही होती। घरवाले प्रेशर डालते हैं पर मेरे मन की दशा कोई समझता नही। आप जैसे किसी महान आत्मा और प्रभु के प्यारे के दर्शन हो जाते हैं तो बस मन ऐसा खुश हो जाता है जैसे " वही " मिल गए हो ।
    और आपने ऐसे क्यों लिखा कि आप परम् अज्ञानी हैं ????? ऐसा हो नही सकता कि एक भक्त अज्ञानी हो क्योंकि गुरुमंत्र तो स्वयं ही ज्ञान है वो मात्र शब्द तो है ही नही।

    दरअसल मुझे ये जानना था कि गुरु द्वारा दिये हुये मन्त्र का जाप करते करते कब तक भगवान का प्रेम मिलता है ??? वो कब तक मिलेंगे ?? कब दर्शन , कृपा देंगे ?? कब मेरा हृदय निर्मल होगा ?और उनका दर्शन होगा ? मैं देखती हूं कि सबपर वो कृपा ओर प्रेम लुटाते है बस मेरे पर ही ध्यान नही देते। मुझे तो बस रुलाते रहते हैं। सबको सबकुछ दे देते है बस मुझे ही वो नही देते जो मैं चाहती हु । मुझे गाड़ी बंगला रुपया पैसा कुछ भी नही चाहिए मुझे तो बस उनका प्रेम चाहिए इसमें कौन सी कोई स्वार्थ वाली बात है ? फिर भी नही देते ।
    आपको 30 , 40 साल का अनुभव है इसलिए सोचा आपसे पुछु प्लीज् बताने की कृपा कीजिये महाराज जी _/\_

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  4. और एक बहुत बड़ी बात तो कहना ही भूल गई। मेरी टिप्पड़ी का उत्तर देने के लिए आपको बहुत बहुत बहुत धन्यवाद।
    आप उतर देंगे इसकी मुझे आशा बहुत कम थी।
    जय राम जी की। जल्दी से उत्तर दीजियेगा प्लीज सर जी

    उत्तर देंहटाएं
  5. लगता है आप को मेरी कोई बात पसन्द नही आई इसीलिए आपने दुबारा उत्तर नही दिया।
    कृपया क्षमा कर दीजिए मुझे कुछ भी मालुम नही कि क्या कैसे करना ,कहना चाहिए । मेरे गुरु जी सच ही कहते हैं कि मै जीरो हु ,नालायक बेअक्ल हु। उनसे तो कुछ पूछने की हिम्मत नही मेरे में इसलिए सोचा आपसे बात करू पर आप भी रूठ गये ।
    मैं बार बार क्षमा मांगती हु प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिए। _/\_

    उत्तर देंहटाएं
  6. बेटी अंकिता ,,
    उत्तर में विलम्ब हुआ ,किसी नाराज़गी के कारण नहीं ! बेटी सोच में था आपको क्या उत्तर दूँ !
    आपने इतना सम्मान दिया ,इतना विश्वास किया मुझपर ! खरा उतर सकूँ ,सही सलाह दे सकूँ इसी की सोच में था !
    बेटा जी , मुझे अब दुःख किसी बात का नही है !न कोई चिंता है !
    जब सौप दिया है जीवन का सब भार प्रभु के हाथों में
    तब मुझको चिंता काहे की सुख दुःख आते हैं जाते हैं
    चिंतन करता हूँ उनके गुन ,भजनांजलि भर कर हाथों में!!
    बेटी जी
    सुख सांसारिक चीजों से मिलता ,यह प्रचुर मात्रा में मिला है लेकिन बिटिया यह सुख क्षणभंगुर है !
    सुख की पराकाष्ठा है निर्मल "आनंद" में !
    परमानन्द प्राप्ति ही , ईश्वर दर्शन है ! इसी में शिव शंकर मिल जाते हैं )
    जैसे मुझे ये सम्वाद लिखते हुए अति आनन्द आ रहा है ! बेटीजी , यही हरी दर्शन है !
    नहीं जानता आपजी के गुरुजी कौन हैं , उन्हें प्रणाम करता हूँ !
    रानीबेटी यदि आपजी ने किसी को गुरु स्वीकारा है , तो उनके निदेशानुसार चलना हितकर होगा ! (अदि सोच समझ के नाप जोख के बनाया होगा !
    आतिश प्रीती उक्त आशीर्वाद।

    उत्तर देंहटाएं
  7. सादर चरण स्पर्श
    दुबारा उत्तर देने के लिए आपको कोटि कोटि धन्यवाद।
    आप जैसे महान आत्माओं के लिए स्वतः मन में सम्मान आ जाता है। मै कसम से आपका बहुत सम्मान करती हूं ये परमात्मा शिव शम्भू जानते हैं।
    तुच्छ मनुष्य में कहा बल जो गुरु को खोज सके ? समय आने पर गुरु तो स्वयं ही कृपावश हमारे सामने आ जाते हैं मेरा उनसे मिलने की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। मेरे गुरु जी भी 90 वर्ष के हैं । अपने एक वर्ष के "अनेकानेक दिव्य" अनुभवो के आधार पर कह सकती हूं कि वो "पूर्ण" हैं । हर जगह यही लिखा है कि गुरु परमात्मा का ही रूप होते हैं आपने अपने आर्टिकल में भी लिखा है । मेरी नजर में भी वो शिव शभु का ही प्रतिरूप हैं।
    उनकी डाट कैसे बताऊ कैसी लगती है , बहुत ही मीठी। उनकी हर बात सर आँखों पर बस जैसे वो नही तो कुछ भी नही।
    दरअसल मैं सवाल बहुत करती रहती हूं न उनसे इसलिए वो कभी कभी डाट भी देते हैं कहते हैं कि "तुम करती कुछ नही बस सवाल किया करती हो " पर वो तो अन्तर्यामी हैं हर बात ही जान जाते हैं इसलिए वो ये भी जानते होंगे कि उनकी डाट सुनने के लिए ही कभी कभी सवाल भी ऐसे कर देती हु कि वो मुझे डाटे :D । बल्कि जब कभी उनको मुझे डाट लगाये बहुत दिन हो जाते है तो मुझे घबराहट भी होने लगती है कि कहि वो मुझसे नाराज तो नही हो गए।
    सच में कसम से उनकी बातें करना मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगता है।
    जी आनंद तो आता है जब मन सात्विक रहता है पर कभी कभी बहुत बेचैनी होने लगती है जब प्रभु का ध्यान नही लगता या पूजा पाठ में मन नही लगता तब मन करता है मर ही जाऊ। उनकी याद ना आये तो लगता है कि मै जी ही क्यों रही हु और अपने आप पर बहुत गुस्सा आने लगता है कि ये कैसा मन है जो उनका ध्यान नही करता। जबकि सत्य यही है कि उनके बिना जीवन बंजर भूमी है। आनंद जो नित्य नही बना रहता बस यही मेरी समस्या है। गुरु जी से बहुत ज्यादा नही बोल पाती हूँ पर सकुचा सकुचा कर ही पूछने पर वो यही कहते हैं कि " कर्म करती नही बस सवाल करती रहती है " और ये सच भी है मैं निरन्तर ना तो जप ही करती हूं ना ध्यान तो आनन्द कैसे आएगा। सच तो यही है कि कमी मुझमे ही है। सोचती हूं अगर सारी जिंदगी ऐसे ही निकल गई तो क्या होगा ? पर अगर प्रभु कृपा कर दें तो सब हो जायेगा। आप कृपया मेरे लिए प्रार्थना कर दीजिए मुझे मालूम है आपकी बात वो नही टालेंगे।
    समय मिले तो कृपया उत्तर अवश्य दीजियेगा _/\_
    जय रामजी की।

    उत्तर देंहटाएं
  8. मैं रोज आपके एक दो आर्टिकल्स पढ़ती रहती हूं आज भी देख रही थी । आज आपके दो आर्टिकल्स में पढ़ा कि आप बलिया के हैं मुझे सच में बहुत ख़ुशी हुई क्योंकि आपकी ये नालायक बिटिया भी वहीं की खाँटी भोजपुरिया है :D । इस समय हमसब लखनऊ में रहते हैं।
    आपके आर्टिकल्स में आपका का अपने प्रभु और सद्गुरु जी के प्रति पूर्ण समर्पण साफ दिखाई देता है आप सच में सन्त हैं आप जैसे दिव्य आत्मा के दर्शन से मैं सच में धन्य हो गई क्योंकि प्रभु के प्रेमियों के दर्शन अत्यंत दुर्लभ हैं और जिसे दर्शन हो जाए इसका अर्थ है कि प्रभु की ही कृपा है। आप 2,3 सालो से यहाँ नही आये थे पर आपने मेरी टिप्पड़ी पढ़ी दो दो बार उत्तर भी दिया ये कोई साधारण बात नही हो सकती निश्चित ही प्रभु की इच्छा से हुआ है।

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. Rani Beti, Ver happy to know that u also belong to Ballia.Ishall b happy to know if u had any connection with Gulab Devi / Town institutions or their managements. Shall b happy to know your famil details.
      Sorry to use English as my laptop refuses to type in Hindi .
      U ma respond in Hindi.
      .

      हटाएं
  9. जी गुलाब देवी कालेज में मेरी कजिन्स पढ़ी हुई हैं, मैं बलिया जिला के दुधैला नामक गाँव से हु जिसका थाना सहतवार पड़ता है , पापा लखनऊ में ही यूपी पुलिस मे थे तो बचपन से लेकर अब तक लखनऊ में ही रहें , हां गर्मी की छुट्टियों में जाया करते थे तो ज्यादा बलिया में ज्यादा रहने को नही मिला पर वहाँ के ददरी मेला और दुर्गा पूजा में बहुत आनन्द आता है। अभी 5-3-2017 को जाने की संभावना है क्योंकि मौसी के बेटे की शादी है।
    मेरे बचपन में ही पापा स्वर्गवासी हो गयें फिर उनकी जगह मम्मी यूपी पुलिस में आ गई फिर अभी 2013 में वो भी केन्सर से स्वर्गवासी हो गईं अब मम्मी की जगह मेरा छोटा भाई आ गया। हम दो बहनें और एक भाई हैं मैं ही सबसे बड़ी हु।
    सच कहूं तो लगता ही नही कि जीवन में माता पिता नही हैं प्रभु ने अपनी ओर जो खिंच लिया :) और ऊपर से इतनी रहमत बरसाई की गुरु रूप में स्वयं ही प्रकट हो गए। मैं छोटी जाति की हु। फर्राटेदार अंग्रेजी तो नही आती पर समझ लेती हूं काम भर का :D
    You tube पर आपके अनेको भजन देखे एक से बढ़कर एक। आनंदाश्रु छलकने लगते है क्योंकि उनमें आपका भाव दीखता है।
    प्रतिउत्तर देने के लिए आपको कोटि कोटि धन्यवाद। आपकी सेहत ठीक तो रहती है न ? यदि सेहत से सम्बंधित कोई समस्या हो तो प्रतिऊत्तर देने की तकलीफ मत उठाइयेगा। आपको मेरी भी उम्र लग जाए , प्रभु आपकी सेहत सदा अच्छी रखें।

    उत्तर देंहटाएं
  10. रानी बेटी , आपको उत्तर देने में विलम्ब हो जाता है तो ये न समझना कि आपके "भोला"दादा आपको भूल गए ! किसी अनजाने को किसी अनजाने से प्रभु ही मिलाते हैं! प्रबु का बनाया ,नाता तोड़ना अनुचित है !
    हम जात पांत नही मानते ! हरी का भजे सो हरी का होवे ,यइ मेरा मानना है !, ये बात कभी न कहना मुझसे !
    आजा कहो या बाबा दादा अब नाता तो जुड़ गया !
    बेटा खुश रहो ! बात करने का मन होता है ! whatsapp पर हो तो नम्बर बताना , तुम्हे नया भजन भेजेंगे directly .
    राम राम हार्दिक आशीर्वाद शुभ कामनाएं !
    VISHWAMBHUR NATH SHRIVASTAV "Bhola

    उत्तर देंहटाएं

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