श्री श्री माँ आनंदमयी की कृपा एवं दर्शन का सौभाग्य कई बार प्राप्त हुआ। फिर भी है अतृप्त यह बालक अब भी खोजे घड़ी-घड़ी। इस नवरात्रि में माँ से यही प्रार्थना है :-
आज पुनः मम जगी पिपासा को दरशन दे शांत करो ।
मैया मुझे दरशन दो, दरशन दो, दरशन दो ।
एक बार फिर मम अंतरघट आनंद अमृत से भर दो ।
मैया मुझे दरशन दो, दरशन दो, दरशन दो ।
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