शनिवार, 16 अप्रैल 2011

Shloka: Atulita Bala Dhamam



अतुलित बल धामं हेम शैलाभ देहम्‌ 
दनुज वन कृषाणं ज्ञानिनां अग्रगणयम्‌ 
सकल गुण निधानं वानराणामधीशम्‌ 
रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि 

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