सिया राम के अतिशय प्यारे, अंजनिसूत मारुती दुलारे,
श्री हनुमान जी महाराज
के दासानुदास श्री राम परिवार द्वारा
पिछले अर्ध शतक से अनवरत प्रस्तुत यह

हनुमान चालीसा

बार बार सुनिए , साथ में गाइए ,
हनुमत कृपा पाइए .

[शब्द एवं धुन यहीं उपलब्ध हैं]

प्रार्थी - "भोला" [ श्री राम परिवार का एक नगण्य सदस्य ]




आज का आलेख

बुधवार, 29 सितंबर 2010

JAI JAI JAI KAPISUR # 1 7 5

Print Friendly and PDF
सब हनुमत कृपा से ही क्यों ?
निज अनुभव  

मिनिस्टर महोदय का अचानक मुझसे यह अनुरोध करना क़ि आगे का कार्यक्रम अब मैं संचालित करूं ,कुछ मेरी समझ में  नहीं आया ! मैं सोच में  पड़ गया क़ि मेरे जैसा अहिंसक और शांति प्रिय व्यक्ति उस "बूचरखाने" का कार्य कैसे टेकओवर कर पायेगा ! सोचने की बात भी थी क़ि साउथ अमेरिका के इस देश की मूलतः मांसाहारी जनता को भोजन के लिए हांइजिनिक शुद्ध "गौ -मांस" उपलब्ध  करवाने के उस अभियान में  मैं निजी रूप से एक पूर्णतः शाकाहारी व्यक्ति और मेरा विश्वविख्यात "गौरक्षक"मत-समर्थक देश भारत  क्या योगदान दे सकता है !

उधर पंडाल के दूसरे छोर पर जो नाटक चल रहा था उसे देख कर मैं पहले तो विस्मित हुआ और फिर मेरा मन और अधिक विचलित हो गया  !उस दृश्य की याद आते ही, आज भी मैं   अपने आप को सम्हाल नहीं पाता मेरा मन द्रवित हो जाता है ,आँखों में आंसूं  छलछला आते हैं !नहीं बयान कर पाउँगा ,शब्दों में,अपनी तत्कालीन उद्विग्नता की गहराई !

भैया ! न मैं स्वयम किसी गौरक्षक समिति का सदस्य हूँ न उस से जुड़े किसी अभियान का समर्थक ! पर अब तक आप मेरे विषय में इतना तो जान ही गये होंगे क़ि (बिना मेरे किसी प्रयास के , एकमात्र  हरि इच्छा से ही  ) कदाचित  मेरे पिछले जन्म जन्मान्तर से अर्जित संस्कारों और इस जन्म मे जननी माँ व गुरुजनों की शिक्षाओं के कारण अब मेरी सोच कुछ ऎसी बन गयी है क़ि जिसमें  मुझे इस संसार की कोई भी जड़ चेतन वस्तु अथवा व्यक्ति अपने से भिन्न लगता ही नहीं! सारी सृष्टि मुझे अतिशय प्रिय स्वरूपा लगती है! अब तो जिधर देखता हूँ उधर केवल "वह ही वह" दिखाई देता है !

सोचता  हूँ ,नाना जी मरहूम के कुछ आशार सुना के माहौल कुछ हल्का फुल्का कर लूं !इधर बहुत ऊंची ऊंचीं बाते हो चुकीं !

जहां देखा तुझी को खालिके  अर्ज़ोसमा देखा 
न कुछ तेरे सिवा पाया न कुछ तेरे सिवा देखा 
Where ever I looked I saw U & U only MY LORD -creator of the entire universe Neither I found nor could I see any one else but you .
तेरी  जल्वानुमायी  में   करिश्मा ये नया देखा  
तुझे हर शय में देखा और हर शय से जुदा देखा 
In your manifestations I saw a new miracle .On one hand I perceived your holy presence in every thing  on the other U looked completely detached from all. 

प्रियजन!"बलि के बकरे" की शेष कथा कल अवश्य सुनाऊंगा ,यदि "उनका"आदेश हुआ !

निवेदक : व्ही. एन. श्रीवास्तव "भोला"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Type your comment below - Google transliterate will convert english letters to hindi eg. bhola - भोला, hanuman - हनुमान, mahavir - महावीर, after you press the space bar. Use Ctrl-G to toggle between languages.

कमेन्ट के लिए बने ऊपर वाले डिब्बे में आप अंग्रेज़ी के अक्षरों (रोमन) में अपना कमेन्ट छापिये. वह आप से आप हिन्दी लिपि में छप जायेगा ! हिन्दी लिपि में छपे अपने उस कमेन्ट को सिलेक्ट करके आप उसकी नकल नीचे वाले डिब्बे में उतार लीजिये ! जिसके बाद अपना प्रोफाइल बता कर आप अपना कमेन्ट पोस्ट कर दीजिये ! मुझे मिल जायेगा ! हनुमान जी कृपा करेंगे !

महावीर बिनवउँ हनुमाना ब्लॉग खोजें

यहाँ पर आप हिंदी में टाइप कर के इस ब्लॉग में खोज कर सकते हैं. उदाहरण के लिए bhola टाइप कर के 'स्पेस बार' दबाएँ, Google transliterate से वह अपने आप 'भोला' में बदल जाएगा . 'खोज' बटन क्लिक करने पर नीचे उन पोस्ट की सूची मिलेगी जिनमें 'भोला' शब्द आया है . अपने कम्प्यूटर पर हिंदी में टाइप करने के लिए आप Google Transliteration IME को डाउनलोड कर उसका उपयोग भी कर सकते हैं .